Citizenship Amendment Act notification – मोदी सरकार ने चुनाव से ठीक पहले एक बहुत ही बड़ा दांव चल दिया है जिसमें केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून CAA का नोटिफिकेशन सब के लिए जारी कर दिया गया है।
जैसे कि गृहमंत्री अमित शाह जी ने पहले भी बहुत जगह इंटरव्यू में यह बात कही है कि CAA कानून चुनाव से पहले भारत में लागू कर दिया जाएगा अपने इस कथन को उन्होंने सही साबित करते हुए आज सी ए ए कानून का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
क्या दांव केंद्र सरकार का चुनाव जीतने के लिए है यह तो आने वाला समय ही बताया लेकिन हम जानते हैं CAA क्या है इससे आपको क्या फर्क पड़ेगा और इससे इससे क्या बदल जाएगा।
क्या है नागरिकता संशोधन कानून? (What is CAA)
नागरिकता संशोधन अधिनियम CAA- हमारे पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर भारत में 31 दिसंबर 2014 से पहले से रह रहे हैं उन शरणार्थियों को नागरिकता का अधिकार देने का कानून है।
CAA नागरिकता देने का कानून है, यह कानून उनके लिए है जिन्हें वर्षों से उत्पीड़न सहन पड़ा और जिसके पास भारत के अलावा दुनिया में कहीं और जगह नहीं है CAA दशकों से पीड़ित शरणार्थियों को सम्मानजनक जीवन देगा।
इस कानून में किसी भी भारतीय, चाहे वह किसी भी जाति का हो, किसी भी मजहब का हो उसकी नागरिकता छीनने का कोई भी प्रावधान इस कानून में नहीं है भारत के मुसलमान या किसी भी धर्म और समुदाय के लोगों की नागरिकता इस कानून से कोई भी खतरा नहीं है।
CAA कब हुआ था पारित?
भारत की संसद में 125 वोटो के साथ भारत भारतीय केंद्र सरकार ने का कानून 11 दिसंबर 2019 को संसद में पारित किया था, और 105 बोर्डइस कानून केविपक्ष में पड़े थे, और हमारे देश के राष्ट्रपति द्वारा इस विधेयक को 12 दिसंबर को पूर्ण मंजूरी दे दी गई थी।
CAA में अब तक मुस्लिमों को क्यों नहीं जोड़ा गया?
हमारे देश के गृहमंत्री अमित शाह जी ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जब संसद में अपनी बात कही तो उन्होंने कहा था कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तानयह सारे मुस्लिम देश है वहां धर्म के नाम पर बहुसंख्यक मुसलमान रहते हैं और उनका उत्पीड़न नहीं होता है जबकि इन सभी देशों में हिंदू समुदाय के लोग धर्म के आधार पर प्रताड़ित होते हैं औरउनके साथ कोई भी सद्भावना नहीं की जाती इसीलिए इन देशों के मुसलमान को नागरिकता कानून में शामिल नहीं किया जा सकता, हालांकि इसके बाद भी वह नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं जिस पर सरकार विचार कर सकती है अंतिम निर्णय सरकार का ही होगा।
CAA किसे मिल सकेगी नागरिकता?
CAA कानून के तहत नागरिकता देने का पूरा अधिकार केंद्र सरकार के पास है और इसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों हिंदू , सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन, और पारसी धर्म से जुड़े शरणार्थियों को को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है
CAA में 3 देश- अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश 6 माइनॉरिटी कम्युनिटी-हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई है
नागरिकता के लिए कैसे करें आवेदन?
भारतीय नागरिकता पाने के लिए आपको ऑनलाइन प्रक्रिया से गुजर ना होगा जिसमें एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है नागरिकता पाने के लिए आवेदक को अपने भारत में रहने का वर्ष बताना होगा और बिना किसी दस्तावेज़ ( जो बिना पासपोर्ट और वीजा के घुस आए हैं) के आवेदक को इस प्रक्रिया से नागरिकता मिल जाएगी यह नागरिकता से जुड़े जितने भी मामले लंबित है उन सभी को ऑनलाइन ट्रांसफर किया जाएगा इसके बाद गृह मंत्रालय आवेदन की जांच करेगा और आवेदक को नागरिकता देनी है या नहीं इसका निर्णय लेगा।
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